इस भक्तिमय चित्र में माँ खोडल को बीच में खड़ा दिखाया गया है। उन्होंने रंग-बिरंगे फूलों और पारंपरिक पैटर्न से सजे सुंदर वस्त्र पहने हैं। एक हाथ में त्रिशूल है, जबकि दूसरा हाथ आशीर्वाद की मुद्रा में उठा हुआ है। उनके सिर के पीछे सुनहरे रंग का प्रभामंडल दिखाई देता है।
उनके चरणों के पास मगरमच्छ बना हुआ है और दोनों ओर पीतल के दीपक तथा छोटे-छोटे दीये जल रहे हैं। गहरी पृष्ठभूमि, सुनहरी रोशनी और चमकीले रंग पूरे चित्र को एक खास भक्तिमय रूप देते हैं।